नई दिल्ली। शिवपुराण में भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनसे जुड़ी महिमाओं और लीलाओं को वर्णन मिलता है। शिवपुराण में बताया गया है कि आखिर भगवान शिव को किस तरह प्रसन्न करना चाहिए। साथ ही भगवान शिव जब किसी व्यक्ति पर प्रसन्न होते हैं तो कौनसे संकेत मिलने शुरु हो जाते हैं।
सृष्टि के आदि और अनंत महादेव को देवों के देव कहा जाता है। कहते हैं जिस व्यक्ति पर महादेव प्रसन्न हो जाएं उसका जीवन सफल हो जाता है। ऐसा कहा जाता है कि महादेव के प्रसन्न करने बहुत आसान हैं। उनके भक्त अपने जीवन में शांति और सुख समृद्धि का आनंद लेता है। शिवपुराण में बताया कुछ ऐसे संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया है जो जीवन में घटित होने लगें तो आप समझ जाएं की आप पर भगवान शिव की विशेष कृपा है। पंड़ित राकेश झा बताते हैं कि शिव कृपा मिलने पर कोई चमत्कार नहीं बल्कि व्यक्ति के मन को अनुभुति होती है वह काफी सकारात्मक महसूस करने लगता है। आइए जानते हैं भगवान शिव की कृपा होने पर कौन से संकेत मिलने लगते हैं।
शिव कृपा मिलने पर कौन से संकेत मिलते हैं
- जब किसी व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा होती है तो वह व्यक्ति महान साधक बन जाता है। ऐसे लोगों का मन भगवान के भजन कीर्तन में लगने लगता है। ऐसा व्यक्ति दूसरों से मुख से भगवान के नाम का गुण और उनकी लीलाओं को बहुत ही मन से सुनने लगता है।
- शिव की कृपा मिलने के बाद व्यक्ति के मन से भय और अशांति निकल जाती है और वह जीवन में आ रही सभी चुनौतियों के डट कर सामना करने लगता है।
- ऐसे लोगों के मन से क्रोध, ईर्ष्या, अहंकार और द्वेष जैसी भावनाएं धीरे धीरे कम होने लगती हैं। ऐसे लोग भक्ति, सदाचार के मार्ग पर चलने लगते हैं।
- भगवान शिव की कृपा होने पर व्यक्ति को सपने में कैलाश, भगवान शिव, नंदी महाराज या फिर सपने में तेज प्रकाश आदि दिखाई देने लगते हैं। ऐसे होने पर शिव कृपा का संकेत मिलता है।
- शिव की कृपा मिलने पर लोगों के मन में हमेशा अच्छे विचार और गुरु संतों का मार्गदर्शन मिलने लगता है। ऐसे लोगों को गुरु वाणी प्यार लगने लगती है।
- शिवपुराण के अनुसार, शिव कृपा होने पर शिव की पूजा और उनके नामों और चिंतन अपने आप मन में आने लगते हैं। ऐसे विचार आने पर व्यक्ति को समझ जाना चाहिए कि उसे शिव कृपा का प्रसाद मिल गया है।
शिवपुराण के अनुसार, शिव कृपा कैसे प्राप्त करें
शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव की कृपा पाने के लिए साधक को चाहिए कि वह भगवान शंकर की कृपा प्राप्त करने के लिए विशाल यज्ञ का आयोजन करना चाहिए।
इसके अलावा भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिवपुराण में 12 भेद और खंड को पाठ करना चाहिए। इसमें 10 हजार श्लोकों का नियमित रुप से करें। शिव पुराण का पाठ करने वालों को शिव भक्ति का प्रसाद मिलता है।

























































