नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य राज्य में ब्रॉडबैंड सर्विस का विस्तार करना है। प्रोजेक्ट गंगा के तहत अगले दो-तीन वर्षों में राज्य भर के 20 लाख से ज्यादा घरों को ब्रॉडबैंड से जोड़ना का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस (HGS) के ब्रॉडबैंड वर्टिकल, OneOTT इंटरटेनमेंट लिमिटेड (OIL) के साथ मिलकर प्रोजक्ट को लागू किया जा रहा है। आपको बता दें कि इस योजना के तहत मिलने वाली इंटरनेट यानी ब्रॉडबैंड सर्विस का नाम ‘गंगा फाइबर’ रखा जाएगा। आइये, प्रोजेक्ट गंगा के बारे में डिटेल में जानते हैं।
क्या है प्रोजेक्ट गंगा?
- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के घरों में ब्रॉडबैंड सर्विस पहुंचाने के लिए एक नया प्रोजेक्ट गंगा लॉन्च किया है।
- इस पहला का पूरा नाम Government Assisted Network for Growth & Advancement है।
- इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) और OneOTT इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच मार्च, 2026 में एक समझौता हुआ था। उसके बाद इसे शुरू कर दिया गया है।
- घोषणा के अनुसार, इस पहल का मकसद पूरे राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।
- साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, गवर्नेंस और रिमोट वर्क का आसान और बेहतर बनाना है। खासकर पर उन कम्युनिटी और इलाकों के लिए, जहां ये सुविधाएं या कनेक्टिवटी अभी भी कम हैं।
प्रोजेक्ट का लक्ष्य
- प्रोजेक्ट गंगा का मकसद पूरे उत्तर प्रदेश में एक ब्रॉडबैंड बैकबोन बनाना और अगले दो से तीन वर्षों में 20 लाख से ज्यादा घरों तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
- इसका एक बड़ा मकसद लोकल इलाकों में इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं देने वाले लोगों या छोटी कंपनियों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।
- इस पहल का लक्ष्य न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 DSPs को शामिल करना है, ताकि लोकल कंपनियों को अपने-अपने इलाकों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी यानी आखिरी कदम तक सर्विस दी और डिजिटल सेवाएं पहुंचाईं जा सकें।
इसके फायदे
- उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से पूरे उत्तर प्रदेश में एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- DSP पार्टनर्स को CM-YUVA स्कीम के तहत व्यवस्थित ऑनबोर्डिंग, ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी से जुड़ी मदद और फाइनेंसिंग में सहायता मिलेगी।
- इस पहल में युवाओं की भागीदारी और महिला उद्यमियों पर भी फोकस किया गया है।
क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
TelecomTalk की रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, लॉन्च के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में 8,000 से 10,000 डिजिटल उद्यमी तैयार करने की योजना बनाई थी, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट गंगा इस डिजिटल बदलाव के लिए एक जरिए का काम करेगा।
लाइव हुआ पोर्टल
लॉन्च के साथ ही ‘प्रोजेक्ट गंगा’ पोर्टल भी लाइव हो गया है। इस पोर्टल के जरिए उत्तर प्रदेश के नागरिक ‘डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर’ बनने और इस पहल में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जैसे-जैसे यह प्रोग्राम आगे बढ़ेगा, इसका मकसद राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड सुविधा बढ़ाना, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
























































