नई दिल्ली। माघ मास में जया एकादशी का व्रत किया जाता है। इस बार फरवरी में जया एकादशी का व्रत किया जाएगा। जया एकादशी को बहुत श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस एकादशी का व्रत रख लेता है और वो भगवान विष्णु के बैकुंठ धाम को जाता है। इस बार जया एकादशी पर बहुत संयोग बन रहे हैं। आपको बता दें कि साल में 24 एकादशियों का व्रत किया जाता है। साल भर की एकादशी धर्मराज युधिष्टठिर ने रखी थीं और भगवान कृष्ण ने सभी एकादशियों का महत्व बताया था। ऐसा कहा जाता है कि जो जया एकादशी का व्रत करता है, वो सुख-समृद्धि, मोक्ष पाता है और उसे किसी शत्रु का भय नहीं रहता है।
कब है जया एकादशी फरवरी में
माघ शुक्ल एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 4:35 बजे शुरू होगी, जो 29 जनवरी को दोपहर 1:55 बजे तक रहेगी। इसलिए एकादशी अगले दिन 29 जनवरी को द्वादशी युक्त होगी। इसी दिन एकादशी का व्रत किया जाएगा। इस दिन रवि योग और भद्रावास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र रहेंगे, जो इस एकादशी को और अधिक फलदायी बनातें है। पितरों के लिए जो हम यज्ञ और कर्मकांड करते हैं, उससे कहीं अझिक लाभ स्कंद पुराण और पद्म पुराण में जया एकादशी व्रत को करने से मिलता है। इस व्रत से जाने-अनजाने किए गए पापों का नाश होता है।
एकादशी व्रत रख रहे हैं, तो नियम भी जान लें
माघ महीने में जया एकादशी 29 जनवरी 2026 है। इस दिन माघ मास का स्नान नहीं होता है, हालांकि माघ मास और एकादशी तिथि दोनों भगवान विष्णु दोनों को प्रिय हैं, लेकिन एकादशी के दिन माघ स्नान नहीं होता है, क्योंकि इस दिन सिर नहीं धोया जाता है, इसलिए इस दिन माघ स्नान नहीं किया जाता है, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन बाल नहीं धोना चाहिए। अब माघ मेले में बसंत पंचमी के बाद अब माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को अमृत स्नान होगा। माघ पूर्णिमा पर प्रातःकाल तारों के छिपने से पहले स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। एकादशी पर कथा पढ़कर भगवान की पूजा कर दान करना उत्तम है।
























































